बच्चों के खेल और पसंद लिंग से तय नहीं होते, बल्कि माहौल, अनुभव और मीडिया से प्रभावित होते हैं। बड़ों की ज़िम्मेदारी है कि वे बच्चों को सही दिशा दें और उन्हें लड़का-लड़की को समान नज़र से देखने की सीख दें I